हुकुमचंद आमधरे ने राज्य के पणन व राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल को ज्ञापन सौंपा
श्री. सुनील उत्तमराव साळवे
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मुख्य संपादक
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नागपुर : 24 अक्टुबर 2025
मराठवाड़ा क्षेत्र इस वर्ष भीषण बाढ़ की चपेट में रहा, वहीं नागपुर सहित विदर्भ में सितंबर माह में हुई अतिवृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी. दिवाली के ठीक पहले कई किसानों के घर उजड़ गए हैं और वे खुले आसमान के नीचे जीवनयापन कर रहे हैं. ऐसे संकट के समय सरकार को किसानों के घरों में समृद्धि का दीप जलाने के लिए आगे आना चाहिए. ऐसा आह्वान मुंबई कृषि उपज बाजार समिति के उपसभापति हुकूमचंद आमधरे ने किया है.
हुकुमचंद आमधरे ने राज्य के पणन व राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल को ज्ञापन देकर कहा कि नुकसान भरपाई देते समय केवल 2 हेक्टर तक की सीमा न रखी जाए, बल्कि पहले की तरह 3 हेक्टर तक के क्षेत्र के किसानों को राहत दी जाए. उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि से विदर्भ और मराठवाड़ा के हजारों किसान प्रभावित हुए हैं. दिवाली के अवसर पर सरकार को चाहिए कि. इन किसानों को तात्कालिक राहत के रूप में प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए. इसके अलावा, जिन जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर है, वहां गीला-सूखा अकाल घोषित किया जाए. सभी प्रमुख फसलों के लिए भावांतर योजना लागू की जाए. किसानों के लिए सीधे कर्जमाफी योजना घोषित की जाए. सरकारी योजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया सरल की जाए. ग्रामीण विद्यार्थियों को शिक्षा के अवसर देने हेतु शहरों में निःशुल्क छात्रावास प्रारंभ करने, मनरेगा योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र में कार्य आरंभ करने तथा तहसील स्तर पर विशेष यंत्रणा बनाई जाए. जिन किसानों के परिवार के सदस्यों की मृत्यु हुई है, उन्हें आर्थिक मुआवजा और सरकारी नौकरी प्रदान की जाए. आमधरे ने कहा कि सरकार यदि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेती है तो किसानों के घरों में भी आशा और समृद्धि का दीप अवश्य जलेगा.





























































