श्री सुनील उत्तमराव साळवे
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मुख्य संपादक
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बोधगया(बिहार) : 14 दिसंबर 2025
बोधगया में हर साल ‘अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक चँटिंग (जप) समारोह’ (International Tipitaka Chanting Ceremony ) होता है, जिसमें दुनिया भर से हजारों बौद्ध भिक्षु और श्रद्धालु, बुद्ध की शिक्षाओं (त्रिपिटक – सुत्त, विनय, अभिधम्म पिटक) का पाठ करने और प्रार्थना करने के लिए महाबोधि मंदिर परिसर में इकट्ठा होते हैं, इस वर्ष आंतरराष्ट्रीय 20 वा त्रिपिठक चँटिंग समारोह भारत देश ने 2 दिसंबर 2025 से 12 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया गया था। यह एक बड़ा धार्मिक आयोजन है | यह बौद्धों के लिए ज्ञान की भूमि बोधगया में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक कार्यक्रम है,जिसमे थाईलैंड, श्रीलंका, नेपाल,जापान म्यांमार, अमेरिका सहित 22 देशों के भिख्खु और श्रद्धालु शामिल हुए थे |



संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित
यह ऐतिहासिक एकता इस आयोजन के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसका नेतृत्व दो दशकों से लाइट ऑफ बुद्धा धर्म फाउंडेशन इंटरनेशनल (एलबीडीएफआई-यूएसए) की संस्थापक और कार्यकारी निदेशक बौद्ध महाउपासिका सुश्री वांगो डिक्सी कर रही हैं। संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, सुश्री डिक्सी ने त्रिपिटक के सामूहिक पाठ के माध्यम से प्राचीन पाली परंपरा का सम्मान करने के महत्व पर प्रकाश डाला।2 दिसंबर को मुख्य अतिथि के रूप में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ाई| जबकि चवना मीन विशिष्ट अतिथि तथा 6 दिसंबर को केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू मुख्य अतिथि थे | वर्ष के आयोजन का नेतृत्व करने वाली मुख्य समिति, भारत की अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक जप समिति (आईटीसीसी), के प्रमुख महाबोधि अंतर्राष्ट्रीय ध्यान केंद्र, लद्दाख के परम पूज्य संघसेना महाथेरो थे |


20 वे आंतरराष्ट्रीय त्रिपिठक चँटिंग महोत्सव मे अँड. सुश्री सुलेखाताई कुंभारे थी विशेष निमंत्रित
20 वे आंतरराष्ट्रीय त्रिपिठक चँटिंग समारोह का विशेष निमंत्रण नागपूर कि जानीमानी बौद्ध महाउपासिका तथा ड्रैगन पैलेस टेंपल प्रमुख अँड. सुश्री सुलेखाताई कुंभारे को मिला था| बोधगया मे आयोजित इस समारोह मे बौद्ध महाउपासिका वांगो डिक्सी ने ने सुश्री अँड. सुलेखाताई कुंभारे को भगवान बुद्ध कि मुर्ती तथा स्म्रृती चिन्ह देकर सत्कार कराया |


महाउपासिका अँड. सुलेखाताई कुंभारे ने बोधगया मे उपस्थित की बौद्ध भिख्खुओ के लिए अल्पोपाहार, फल और भेटवस्तुएँ प्रदान करने “दान पारमिता” का अवसर प्राप्त हुआ |

































