पहले से ही एक कोर्ट इमारत होने के बावजूद, ड्रॅगन पॅलेस के स्वामित्व वाली जमीन पर दुसरी कोर्ट इमारत लाने का राजनैतिक षड्यंत्र क्यों ?
श्री सुनील उत्तमराव साळवे
(9637661378 /9527190782)
मुख्य संपादक
Vansh News Digital Web portal online.
कामठी : 17 फरवरी 2026
कामठी नगरपरिषद मे एक राजनैतिक षड्यंत्र के तहत नया प्रस्ताव सामने लाया गया है, जो विश्व धरोहर और बौद्धों के पूजा स्थल कामठी में स्थित ड्रैगन पैलेस मंदिर के अस्तित्व और विस्तार को खतरे में डालता है।बताया जाता है कि, राज्य सरकार मे एक मंत्री के इशारे पर यह खेल खेला जा रहा है।बदले कि भावना से बौद्ध समाज कि विश्व धरोहर समजी जाने वाली भुमी खसरा नंबर 36/8 के 22,800 वर्ग मीटर के प्लॉट मे नया कोर्ट बनाने को लेकर नगरपरिषद कि सभा मे विषय लाया गया। जो कि आंबेडकरवादीयो कि भावनाओं को ठेस पहुंचाने का षडयंत्र कामठी नगरपरिषद चुनाव के बाद सामने आया है। कामठी के विद्यमान नगराध्यक्ष भाजपा से है और उन्हें उनके आका के इशारे पर नगरपरिषद कि सभा मे यह जानबूझकर विषय लाकर कामठी का सौहार्दपूर्ण वातावरण बिघाडने का स्थानिय मंत्री के इशारे पर किया जाने की चर्चा इस वक्त कामठी के राजनैतिक गलियों मे बनी है।

बहुजन रिपब्लिकन एकता मंच के नगर सेवक, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने इसका कड़ा विरोध किया है। कामठी की नगर परिषद की 17 फरवरी 2026 को हुई आम बैठक में विषय क्रमांक 05 के तहत ड्रैगन पैलेस के स्वामित्व वाली जमीन पर कोर्ट बनाने का प्रस्ताव पेश किया गया है। यह जमीन मूल रूप से ड्रैगन पैलेस के विश्वस्तरीय विस्तार, श्रद्धालुओं के ठहरने और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए आरक्षित की गई है। ड्रैगन पैलेस सिर्फ एक भवन नहीं बल्कि एक विश्व स्तरीय स्मारक है जिसे सरकार ने बी श्रेणी का पर्यटन का दर्जा दिया है। हर साल धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के मौके पर यहां 7 से 8 लाख अनुयायी दर्शन के लिए आते हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस इलाके को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने का वादा किया था। लेकिन, अब सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार ने उसी जगह पर दूसरा कंस्ट्रक्शन प्रपोज़ करके भक्तों का मुंह बंद कर दिया है। ड्रैगन पैलेस के विस्तार के लिए आवंटित जमीन पर कुछ भुमाफियाओ कि दुष्ट नजर है। ज्ञात रहे पुर्व राज्यमंत्री रहते कामठी कि विधाएक एडवोकेट सुलेखाताई कुंभारे की कोशिशों से नेशनल हाईवे के किनारे सभी सुविधाओं वाली एक बड़ी कोर्ट बिल्डिंग पहले ही बन चुकी है। ऐसे में ड्रैगन पैलेस मंदिर के बगल में फिर से कोर्ट बनाना समझ से परे है। इस प्रस्ताव से बौद्ध लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है और शहर में सामाजिक दरार पैदा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता । बहुजन रिपब्लिकन एकता मंच के शिष्टमंडल में कहा गया कि प्रशासन को जनता की भावना का सम्मान करना चाहिए और आज की मीटिंग का टॉपिक नंबर 05 तुरंत कैंसिल करना चाहिए। यह जगह सिर्फ़ ड्रैगन पैलेस के विस्तार और बौद्धों की सुविधा के लिए रिज़र्व होनी चाहिए, अन्यथा रिपब्लिकन मंच ने कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है। डेलीगेशन में मुख्य रूप से कॉर्पोरेटर आकाश भोकरे, कॉर्पोरेटर नियाज़ कुरैशी, पदाधिकारी उदास बंसोड़, सुभाष सोमकुवर, अंकुश बोम्बार्डे, दीपांकर गणवीर, विलास बंसोड़, सागर भावे, सुनील वानखेड़े, नरेश बावनकुले, शालिकराम अड़कने के साथ राजेश शंभरकर, अशोक नागरकर, अविनाश वासे शामिल थे।



































