कामठी में शिव जयंती का उत्साह: पूर्व राज्यमंत्री ॲड. सुलेखाताई कुंभारे ने किया छत्रपती शिवाजी महाराज का अभिवादन
कामठी /नागपुर : 17 फेब्रुवारी 2026. छत्रपती शिवाजी महाराज केवल एक राजा नहीं, बल्कि एक प्रगतिशील विचारधारा के प्रतीक थे। उन्होंने ‘शून्य’ से ‘स्वराज्य’ का निर्माण किया और समाज के हर उपेक्षित वर्ग को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया। महाराजाओं द्वारा स्थापित ‘समता’ और ‘न्याय’ के इसी विचार को आज बहुजन रिपब्लिकन एकता मंच (बरिएमं) पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहा है।
उक्त विचार पूर्व राज्यमंत्री एवं बरिएमं की संस्थापिका मा. ॲड. सुलेखाताई कुंभारे ने व्यक्त किए। अवसर था छत्रपती शिवाजी महाराज की जयंती का, जिसके उपलक्ष्य में कामठी स्थित गोयल टॉकीज के समीप महाराज के शिल्प (प्रतिमा) को ‘बरिएमं’ की ओर से भावपूर्ण अभिवादन किया गया। इस दौरान ॲड. सुलेखाताई कुंभारे के कर-कमलों द्वारा प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजन संपन्न हुआ।

उपस्थित जनसमूह और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ॲड. सुलेखाताई कुंभारे ने कहा, “महाराज ने अठारह-पगड़ जातियों को एक साथ जोड़कर रयते (जनता) का राज्य स्थापित किया। आज के समय में समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाना और सबको साथ लेकर प्रगति की ओर बढ़ना ही महाराज को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हमें शिवराय के अनुशासन और धैर्य के पदचिन्हों पर चलना चाहिए।”
इस गौरवशाली समारोह में ‘बरिएमं’ के महासचिव अजय कदम सहित संगठन के कई पार्षद और वरिष्ठ पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे जिसने प्रमुख रूप से
पार्षद नियाज कुरेशी, आकाश भोकरे सहित
देवेंद्र जगताप, दिपंकर गणविर, उदास बंसोड, सुभाष सोमकुवर, अंकुश बांबोर्ड, अनुभव पाटिल, विलास बंसोड, सागर भावे, राजु भागवत, अजित बागडे, अमित चव्हाण, भैयालाल भोयर तथा पूर्व पार्षद सावला सिंगाडे, अंबरीन फातीमा, संगीता अग्रवाल, अनमोल डोंगरे, दिशा पिल्ले आदि की गरिमामय उपस्थिति थी।. कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने ‘छत्रपती शिवाजी महाराज की जय’ और ‘जय भीम, जय भारत’ के गगनभेदी जयघोष किए। भारी संख्या में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के जोश ने इस आयोजन को भव्य और यादगार बना दिया।

































